स्पलडिंग इलेक्ट्रॉनिक डार्ट बोर्ड कोरोना वायरस महामारी से सुरक्षा, एन95 मास्क

Covid-19 Spread फेस शील्ड और एन-95 मास्क मिलकर भी कोरोना को नहीं रोक सकते, एक्सपर्ट्स का दावा

Covid-19 Spread: कोरोनाकाल में महामारी (Coronavirus Pandemic) से बचने के लिए उचित सावधानियां बरतने की सलाह दी जा रही है, लेकिन कई बार हमारी नजरों में कई ऐसे लोग भी आते हैं, जिन्हें हम बिना मास्क लगाए सड़कों पर घूमते हुए देखते हैं और कई लोग ऐसे भी हैं जो इन्हें हर वक्त पहने रहते हैं। इस पर ही हुए एक शोध का नतीजा अब सामने आया है। भारतीय-अमेरिकी शोधकर्ताओं द्वारा किए एक शोध में यह चेताया गया कि एक्सहेलेशन वाल्व वाले मास्क के साथ फेस शील्ड पहनने के बाद भी कोरोना की चपेट में आसानी से आया जा सकता है। (covid-19-spread) Also Read - स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, कोविड रोगियों के लिए मेडिकल ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं

क्या फेस शील्ड और मास्क हैं कोरोना के खिलाफ बेअसर?

एक्सपर्ट्स के अनुसारस्पलडिंग इलेक्ट्रॉनिक डार्ट बोर्ड, जब कोरोना से संक्रमित कोई व्यक्ति खांसता हैस्पलडिंग इलेक्ट्रॉनिक डार्ट बोर्ड, तो उसकी खांसी के साथ निकलने वाली छींटों में मौजूद वायरस फेस शील्ड की दीवारों के बीच घूमते रहते हैं। Also Read - Covid-19 Live Updates: भारत में कोरोना के मरीजों की संख्या हुई 49स्पलडिंग इलेक्ट्रॉनिक डार्ट बोर्ड,30स्पलडिंग इलेक्ट्रॉनिक डार्ट बोर्ड,236स्पलडिंग इलेक्ट्रॉनिक डार्ट बोर्ड, अब तक 80, वरिष्ठ नागरिकों के लिए हाथ में इलेक्ट्रॉनिक खेल776 लोगों की मौत

फ्लोरिडा अटलांटिक यूनीवर्सिटी (एफएयू) में सीटेक के निदेशक, प्राध्यापक, डिपार्टमेंट ऑफ चेयर मनहर धनक कहते हैं, “समय के साथ ये ड्रॉपलेट्स सामने और पीछे की ओर दोनों ही दिशाओं में काफी बड़े पैमाने पर फैलते हैं,स्पलडिंग इलेक्ट्रॉनिक डार्ट बोर्ड हालांकि वक्त की अधिकता के साथ इनके असर में कमजोरी आती जाती है।” Also Read - केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, कोरोनावायरस से लड़ाई अभी जारी रहेगी

शोधपत्र के मुख्य लेखक सिद्धार्थ वर्मा रहे हैं, जिनके साथ मिलकर प्रोफेसर धनक ने इसका सह-लेखन किया है। उनके इस काम में जॉन फ्रैंकफील्ड भी साथ रहे हैं, जो एफएयू के डिपार्टमेंट ऑफ ओशन एंड मेकैनिकल इंजीनियरिंग के तकनीकि विशेषज्ञ हैं।

धनक आगे कहते हैं, “हम यह देखने में समर्थ हो पाए हैं कि शील्ड की मदद से ड्रॉपलेट्स को सामने से चेहरे पर पड़ने से तो रोका जा सकता है, लेकिन हवाओं में विचरण करने वाले से ड्रॉपलेट्स शील्ड की दीवारों में पड़ने के साथ ही इधर-उधर प्रसार करते रहते हैं।”

क्या एन95 फेस मास्क कोविड को फैलने से रोक सकता है?

फिजिक्स ऑफ फ्लुइड्स एकेडेमिक जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में एन-95 मास्क के बारे में बताया कि इसमें मौजूद एक्सहेलेशन वाल्व की मदद से बड़ी संख्या में ड्रॉपलेट्स इनमें से होकर आप तक पहुंच सकते हैं।

इस शोध के लिए रिसर्चरों ने प्रयोगशाला में एक लेजर लाइट शीट और ड्रॉपलेट्स के रूप में डिस्टिल्ड वॉटर व ग्लिसरीन का इस्तेमाल करते हुए इनके विचरण पर गौर फरमाया और पाया कि किसी के खांसने या छींकने से निकलने वाले ये ड्रॉपलेट्स सतह पर व्यापक पैमाने पर फैलते हैं।

कुल मिलाकर, ये स्पष्ट है कि फेस शील्ड और एन-95 मास्क मिलकर भी कोरोना को रोकने की दिशा में उस हद तक कारगर नहीं हैं। ऐसे में बिना वाल्व वाले आम मास्क का उपयोग वायरस से बचने के लिए किया जा सकता है।

Published : September 2, 2020 6:46 pm | Updated:September 2, 2020 6:49 pm Read Disclaimer Comments - Join the Discussion महानायक अमिताभ की नातिन से सुनाई एंग्जाइटी और थेरैपी की आपबीती, जानिएं क्या है ये समस्यामहानायक अमिताभ की नातिन से सुनाई एंग्जाइटी और थेरैपी की आपबीती, जानिएं क्या है ये समस्या महानायक अमिताभ की नातिन से सुनाई एंग्जाइटी और थेरैपी की आपबीती, जानिएं क्या है ये समस्या बिना किसी इलाज के दुनिया में पहली बार ठीक हुआ एचआईवी का मरीजबिना किसी इलाज के दुनिया में पहली बार ठीक हुआ एचआईवी का मरीज बिना किसी इलाज के दुनिया में पहली बार ठीक हुआ एचआईवी का मरीज ,,